
१. देखा था ख्वाब तुम आओगी
इस रेगिस्तान सी जिन्दगी में,
पानी की बूँद बनकर.
ख्वाब पूरा.......कह नहीं सकता
प्यार के दुर्गम रास्ते पर चल तो
पड़े थे हम पर नहीं सोचा ये रास्ता
आगे ख़तम हो जायेगा.
मैं उम्र के उस मोड़ पर
थक कर चूर हुआ
बैठ जाऊंगा और तुम...
लौट जाओगी वापस मुझे छोड़
जहाँ से हम चले थे...
एक नया रास्ता
तुम्हारा इन्तजार करता होगा
और चल पडोगी तुम.
किसी और की हमसफ़र बनकर.
२. थोड़ी हिम्मत जुटाऊंगा और
वापस आऊंगा उस जगह

जहाँ से तुम्हारा नया रास्ता.....
ख्वाब टूट गया ....
नहीं-नहीं...एक टूटा तो क्या,
तुम्हारी ख़ुशी चाही थी मैंने.
मैं तो रेगिस्तान था,कैक्टस ही मेरी जिन्दगी में.
पानी की बूँद आई और चली गई
पता नहीं कहाँ
जमीन पर पडी होगी और छाई होगी
वहां हरियाली .

३. रेगिस्तान में पानी की बूँद,
धुंधला सा चेहरा....
अब आई हो......
मौत के बाद जिन्दगी ?